मैं बिहार हूं / Main Bihar Hoon । कविता । कुमार सरोज ।
मैं बिहार हूं
कुमार सरोज
मैं अशोक का अंश हूं ,
मैं गौतम बुद्ध का ज्ञान हूं ,
मैं मां सीता की भूमि हूं ,
मैं महावीर का सुमन हूं ,
मैं बिहार हूं ।
मैं आर्यभट का शून्य हूं ,
मैं कौटिल्य का अर्थशास्त्र हूं ,
मैं नालंदा की ज्ञान स्थली हूं ,
मैं दसरथ मांझी कर हठ हूं ,
मैं बिहार हूं ।
मैं दिनकर की लेखनी हूं ,
मैं राजेंद्र प्रसाद की नीति हूं ,
मैं कुंवर सिंह का बलिदान हूं ,
मैं मेघावी युवाओं की पहचान हूं ,
मैं बिहार हूं ।
मैं मिथिला का माखन हूं ,
मैं मगध का वीर बखान हूं ,
मैं भोजपुर का बलिदान हूं ,
मैं अंग का परिधान हूं ,
मैं बिहार हूं ।
मैं मेहनतकशों का प्रदेश हूं ,
मैं किसानों का खून पसीना हूं ,
मैं देश के हर कौने में बसा हूं ,
मैं देश की बुलंद आवाज हूं ,
मैं बिहार हूं ।
कुमार सरोज
शानदार
जवाब देंहटाएंजी बहुत बहुत शुक्रिया
हटाएं