डिस्को संगीत के किंग बप्पी लाहिड़ी । जीवनी ।

 डिस्को संगीत के किंग बप्पी लाहिड़ी


        जीवनी


              हिन्दी फिल्मों के भारतीय प्रसिद्ध संगीतकार और गायक थे। सोने के गहनोँ से लदे बप्पी लाहिरी के संगीत में अगर डिस्को की चमक-दमक नज़र आती थी तो उनके कुछ गाने सादगी और गंभीरता से परिपूर्ण हैं। उनका असली नाम अलोकेश लाहिड़ी है। तीन साल की उम्र में उन्होंने तबला बजाना शुरू कर दिया था।  जब वे 14 साल के हुए तो पहला संगीत दिया।

 





       बप्‍पी लाहिड़ी जिनका असली नाम अलोकेश लाहिड़ी था, का जन्‍म 27 नवंबर 1952 को जलपैगुड़ी पश्चिम बंगाल में हुआ था।
इनके पिता का नाम अपरेश लाहिड़ी तथा मां का नाम बन्‍सारी लाहिडी था।
  
           बप्‍पी लाहिड़ी ने मात्र तीन वर्ष की आयु में ही तबला बजाना शुरू कर दिया था जिसे बाद में उनके पिता के द्वारा और भी गुर सिखाये गये थे।  बॉलीवुड को रॉक और डिस्को से रूबरू कराकर पूरे देश को अपनी धुनों पर थिरकाने वाले मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी लाहिड़ी ने कई बड़ी छोटी फिल्‍मों में काम किया था। बप्पी दा ने 80 के दशक में बालीवुड को यादगार गानों की सौगात दे कर अपनी पहचान बनाई थी। 

         महज 17 साल की उम्र से ही बप्पी संगीतकार बनना चाहते थे और उनकी प्रेरणा बने एसडी बर्मन। बप्पी टीनएज में एसडी बर्मन के गानों को सुना करते और उन्हें रियाज किया करते थे। 
जिस दौर में लोग रोमांटिक संगीत सुनना पसंद करते थे उस वक्त बप्पी ने बॉलीवुड में 'डिस्को डांस' को इंट्रोड्यूस करवाया। उन्हें अपना पहला अवसर एक बंगाली फ़िल्म, दादू (1972) और पहली हिंदी फ़िल्म नन्हा शिकारी (1973) में मिला था। जिसके लिए उन्होंने संगीत दिया था। जिस फ़िल्म ने उन्हें बॉलीवुड में स्थापित किया, वह ताहिर हुसैन की हिंदी फ़िल्म ज़ख़्मी (1975) थी,
 जिसके लिए उन्होंने संगीत की रचना की और पार्श्व गायक के रूप में दोगुनी कमाई की थी। 
 
                        इस फिल्म ने उन्हें प्रसिद्धि की ऊंचाइयों पर पहुंचाया और हिंदी फिल्म उद्योग में एक नए युग को आगे लाया। इसके बाद तो वे फिल्‍म दर फिल्‍म बुलंदियों को छूते गये और बॉलीवुड में अपना नाम बड़े कलाकार के रूप में प्रतिष्ठित किया।
बप्‍पी लाहिड़ी प्रसिध्‍द गायक होने के साथ म्‍यूजिक डायरेक्‍टर, अभिनेता एवं रिकॉर्ड प्रोड्यूसर भी थे। 

          इन्हे बॉलीवुड संगीत में उनके योगदान के लिए 63 वें फिल्मफेयर अवार्ड्स में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था.

       इनके पिता और माता दोनों गायक-गायिका थे. और इनका पूरा बचपन संगीत के बीच ही बीता।
 किशोर कुमार इनके मामा जी थे। 
         2008 में, इन्होने कोलकाता नाईट राइडर्स टीम के लिए आईपीएल में संगीत भी दिया था।
  इनके कई डिस्को गाने काफी प्रसिद्ध हुए थे। फिल्म “डर्टी पिक्चर” का गाना “ऊह लाला” बॉलीवुड के जाने माने गानो में से एक है.
   इन्होने कई संगीत रियलिटी शो भी जज किये थे, जैसे: सा रे ग म प ,  लिटल चैंप्स 2006, सा रे गा मा पा चैलेंज 2007, आदि थे। 
    1996 में, इन्होने मुंबई में अपने पहले लाइव शो में माइकल जैक्सन को आमंत्रित किया था।
 बप्पी दा ने 2014 के आम चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर से चुनाव लड़ा, लेकिन ये उसमे सफल नहीं रहे और चुनाव हार गए थे। 
  
      बप्पी लाहिड़ी का स्वास्थ्य लम्बे समय से खराब चल रहा था और बीमारी के चलते 16 फरवरी 2022 को बप्पी लाहिड़ी का निधन  हो गया। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अधूरी यात्रा /। Adhoori Yaatra । हिमांशु कुमार शंकर ।

उसकी मां / Usaki Maa । कहानी । कुमार सरोज ।

लव डे / Love Day । गजल । कुमार सरोज ।