कलयुगी प्रेम / Kalyugi Prem l कहानी l कुमार सरोज l

        कलयुगी प्रेम
                        कुमार सरोज


                  टाऊन हाई स्कूल नवादा। यह स्कूल नवादा का  सबसे अच्छा सरकारी स्कूल है। आसपास के गांवों से बहुत सारे बच्चे इस स्कूल में पढ़ने आते हैं। यहां लड़के और लड़कियां साथ पढ़ते हैं।

               श्वेता भी इसी स्कूल में दशम कक्षा में पढ़ती है। वह सुंदर एवं  मॉडर्न ख्यालात की लड़की है। उसके क्लास के बहुत सारे लड़के उसे अपने प्यार के जाल में फंसाने केे लिए हमेशा पीछे लगे रहते हैं।



           श्वेता के क्लास में ही मनोज,  विनय, दिनेश एवं रौनक भी पड़ता है।  यह चारों भी श्वेता को अपने अपने तरीके से पटाने में लगे रहता है।

                श्वेता समझदार एवं खुले विचारों की लड़की थी। वह सभी लड़कों की मंशा को अच्छी तरह से समझती थी।

                श्वेता, मनोज, विनय, दिनेश एवं रोनक को अलग - अलग समय पर अपने प्यार के जाल में फंसाना शुरू कर देती है, और सभी से पैसा एवं अपनी जरूरत के सामान ऐंठने लगती है। किसी लड़कों को जरा भी इस बात की भनक नहीं लगती है कि श्वेता सिर्फ उससे ही नहीं बल्कि और दूसरे लड़के से भी प्यार का नाटक कर रही है। 

         सभी लड़के सिर्फ श्वेता के ख्यालों में खोए रहते हैं। 

            समय हमेशा एक जैसे नहीं रहता है। अचानक एक दिन मनोज को पता चल जाता है कि श्वेता सिर्फ उससे नहीं किसी और लड़के से भी प्यार करती है। 

                जब मनोज इस बात की छानबीन करता है तो वह यह जानकर चौंक जाता है कि श्वेता विनय, दिनेश और रौनक से भी प्यार का नाटक कर रही थी। सभी श्वेता के प्यार में पागल हैं। सभी ने उसके चक्कर में बहुत सारे पैसा भी खर्च कर चुके थे। 

           इन सब के बावजूद भी चारों आपस में ही श्वेता को लेकर झगड़ बैठता है। सभी यह दिखाना चाहता है कि श्वेता सिर्फ उसकी है। 

               सभी स्कूल से बाहर एक चौराहे पर आपस में अपने प्यार  को लेकर झगड़ते ही रहता है कि तभी अचानक सभी की निगाहें श्वेता पर पड़ जाती है, वह उसी स्कूल के एक लड़का गौरव के साथ बाइक पर सवार उससे चिपक कर बैठी जा रही थी। 

              सभी श्वेता को देखकर अब भली-भांति समझ जाता है कि वह लड़की बहुत चालाक है। अब तक पता नहीं वह स्कूल के कितने लड़कों को मूर्ख बना चुकी होगी। 

             तभी स्कूल का एक लड़का अभय भी वहां आता है आज सभी के हालत को देखकर हंसने लगता है।

 " तुम लोग और श्वेता को आई लव यू, आई लव यू कहो और उसके आई लव यू के चक्कर में रहो। यही तो आज का कलयुगी प्रेम है। "  

        सभी गुस्सा में तो था ही अभय की बात सुनते हैं उसे ही उल्टे मारने लगता है। 


                        कुमार सरोज

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

आपके बहुमूल्य टिप्पणी एवं सुझाव का स्वागत है 🙏

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अधूरी यात्रा /। Adhoori Yaatra । हिमांशु कुमार शंकर ।

उसकी मां / Usaki Maa । कहानी । कुमार सरोज ।

लव डे / Love Day । गजल । कुमार सरोज ।