हाले दिल / Hale Dil l गजल l कुमार सरोज l

          हाले दिल  

                    कुमार सरोज


गुमसुम उदास रहता हूं मैं, 

           हाले दिल तुमसे क्या कहूं।


 जिंदगी से ऊब गया हूं मैं,

            और गम कितना सहुं। 



जी करता है मर जाऊ मैं,

       पर मौत को गले लगा ना सकूं।


दिल में तस्वीर बसा रखा हूं मैं,

     शायद अगले जन्म में पास सकूं। 


उसकी याद भुला पाता न मैं, 

      और  बिन भूले जी भी ना सकु।


 ये सरोज कितना उदास हूं मैं,

            हाले दिल तुमसे क्या कहूं। 


                        कुमार सरोज

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